سُورَةُ العَادِيَاتِ
Surah Al Adiyat — The Chargers
بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ وَٱلْعَٰدِيَٰتِ ضَبْحًۭا
(ग़ाज़ियों के) सरपट दौड़ने वाले घोड़ो की क़सम
فَٱلْمُورِيَٰتِ قَدْحًۭا
जो नथनों से फ़रराटे लेते हैं
فَٱلْمُغِيرَٰتِ صُبْحًۭا
फिर पत्थर पर टाप मारकर चिंगारियाँ निकालते हैं फिर सुबह को छापा मारते हैं
فَأَثَرْنَ بِهِۦ نَقْعًۭا
(तो दौड़ धूप से) बुलन्द कर देते हैं
فَوَسَطْنَ بِهِۦ جَمْعًا
फिर उस वक्त (दुश्मन के) दिल में घुस जाते हैं
إِنَّ ٱلْإِنسَٰنَ لِرَبِّهِۦ لَكَنُودٌۭ
(ग़रज़ क़सम है) कि बेशक इन्सान अपने परवरदिगार का नाशुक्रा है
وَإِنَّهُۥ عَلَىٰ ذَٰلِكَ لَشَهِيدٌۭ
और यक़ीनी ख़ुदा भी उससे वाक़िफ़ है
وَإِنَّهُۥ لِحُبِّ ٱلْخَيْرِ لَشَدِيدٌ
और बेशक वह माल का सख्त हरीस है
۞ أَفَلَا يَعْلَمُ إِذَا بُعْثِرَ مَا فِى ٱلْقُبُورِ
तो क्या वह ये नहीं जानता कि जब मुर्दे क़ब्रों से निकाले जाएँगे
وَحُصِّلَ مَا فِى ٱلصُّدُورِ
और दिलों के भेद ज़ाहिर कर दिए जाएँगे
إِنَّ رَبَّهُم بِهِمْ يَوْمَئِذٍۢ لَّخَبِيرٌۢ
बेशक उस दिन उनका परवरदिगार उनसे ख़ूब वाक़िफ़ होगा