سُورَةُ ٱلْفَاتِحَةِ
Surah Al Fatiha — The Opening
بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ
अल्लाह के नाम से जो रहमान व रहीम है।
ٱلْحَمْدُ لِلَّهِ رَبِّ ٱلْعَٰلَمِينَ
तारीफ़ अल्लाह ही के लिये है जो तमाम क़ायनात का रब है।
ٱلرَّحْمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ
रहमान और रहीम है।
مَٰلِكِ يَوْمِ ٱلدِّينِ
रोज़े जज़ा का मालिक है।
إِيَّاكَ نَعْبُدُ وَإِيَّاكَ نَسْتَعِينُ
हम तेरी ही इबादत करते हैं, और तुझ ही से मदद मांगते है।
ٱهْدِنَا ٱلصِّرَٰطَ ٱلْمُسْتَقِيمَ
हमें सीधा रास्ता दिखा।
صِرَٰطَ ٱلَّذِينَ أَنْعَمْتَ عَلَيْهِمْ غَيْرِ ٱلْمَغْضُوبِ عَلَيْهِمْ وَلَا ٱلضَّآلِّينَ
उन लोगों का रास्ता जिन पर तूने इनाम फ़रमाया, जो माअतूब नहीं हुए, जो भटके हुए नहीं है।